छत्तीसगढ़ राज्य भूगोलीक परिचय
छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण 1 नवम्बर सन 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर आपने प्राकृतिक सौन्दर्य, बहुल्य आदिवासी जनसंख्या व आपनी छत्तीसगढ़ भाषा के एक नवीन राज्य के रुप में अस्तित्व में आया । छत्तीसगढ़ का कुल क्षेत्रफल 135191 वर्ग किलोमीटर है । जो की देश का कुल क्षेत्रफल 4.14 % है । वही छत्तीसगढ़ की कुल जनसंख्या जनगरण 2011 के अनुसार 25545198 है । जो की देश कि कुल जनसंख्या का 2.02 % है
छत्तीसगढ़ भूगोलीक विस्तार – अक्षांशीय विस्तार 17° 46’ उत्तर से 24° 5’ उत्तर तथा देशांशीय विस्तार 50° 15’ पूर्व से 84° 25’ पूर्वी देशांश है। छत्तीसगढ़ का उत्तर से दक्षिण लम्बाई 700 कि. मी. तथा पूर्व से पश्चिम चौड़ाई 435 कि. मी. है।
छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा कुल 7 राज्यो की सीमा से लगा हुआ है ये राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तर पश्यिम में मध्यप्रदेश , दक्षिण पश्यिम मे महाराष्ट्रा , दक्षिण में तेलगाना, दक्षिण पूर्व में उड़ीसा तथा उत्तर पश्चिम झारखण्ड है छत्तीसगढ़ सर्वधिक लम्बी सीमा उड़ीसा से लगी हुई है वही सबसे कम सीमा उत्तर प्रदेश के साथ साझा करता है ।
छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदीयाँ – महानदी , शिवनाथ, इन्द्रावती, हसदो और खारुन छत्तीसगढ़ पर्यप्त मात्रा में कृषि के लिए जल पूर्ति करती है।
छत्तीसगढ़ में कई पर्वत श्रेणी व पर्वत भी विद्घामान है जिनमें मैकल पर्वत त्रेणी, सिहावा और रामगिरि पर्वत श्रेणियाँ प्रमुख है । छत्तीसगढ़ प्रमुख खनिज कोयला ,बाँकसाइट , ताँबा , लौह-अयस्क, सीसा , टिन, डोलोमाट भी पाया जाता है रायपुर में देवभोग महत्वपूर्व है । छत्तीसगढ़ देश का सबसे तेजी से विकसित होता राज्या है ।
छत्तीसगढ़ में कर्क रेखा व भारतीया मानक समय दोनो एक ही स्थान पर एक दुसरे को विभाजित करती है छत्तीसगढ़ की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसुनी जलवायु पाई जाती है यह औसत वर्षा 1200 से 1418 मिलीमीटर तक सामान्यता होती है वही दक्षिण में सर्वधिक वर्षा बस्तर, दंतेवाड़ा और जशपुर जिलो में होती है सर्वधिक वर्षा बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसुनी हवाओ से होती है। ग्राष्म ऋतु में तापमान 30° से 47° c तक रहता है तथा शीत ऋतु में तापमान 5° से 25° c तक रहता है। छत्तीसगढ़ के 44% भू-भाग पर वन पाया जाता है।
छत्तीसगढ़ राज्य का नामकरण-
रामायण काल में सरयू नदी के उत्तर के क्षेत्र को उत्तर कौशल एवं दक्षिण के क्षेत्र को दक्षिण कौशल कहा जाता है राजा दशरथ की रानी कौशल्या दक्षिण कौशल की रानी थी । प्राचील काल में छत्तीसगढ़ को दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता था।
वही छत्तीसगढ़ की नामकरण एक तथ्या ऐसा मान जाता था रायबहादुर हीरालाल के अनुसार छत्तीसगढ़ क्षेत्र में चेदिशवंशीय राजाओ का शासन रहा था तथा कालअतंर में यह छत्तीसगढ़ में परिवर्तित हो गया
रायपुर जिल के राजेटियर के अनुसार कलयुरी शासन काल में शिवनाथ नदी के उत्तरी भाग रतनपुर के अन्तर्रागत 18 गढ़ व शिवनाथ नदी के दक्षिण भाग में 18 गढ़ आते है
छत्तीसगढ़ की संस्कृति से परीपूर्ण राज्य है यह पाण्डवणी, राउतनाचा , सुवागीत, फागगीत, पंथि आदि त्योहारो , नृत्य , लोगगीत से परीपुर्ण है बस्तर का दशहर विश्व प्रसिध्द है जो की 75 दिनो तक चलता है